रविवार, 18 सितंबर 2016

बड़कोट से यमुनोत्री की यात्रा

हमने रात्रि को बड़कोट में ही विश्राम किया और फिर सुबह ही स्नान कर छः बजे के पहले ही यमुनोत्री के लिए निकल पड़े। बड़कोट से यमुनोत्री की दूरी लगभग 46 किमी है जिसको तय करने में हमें लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। हम साढ़े सात बजे यमुनोत्री पहुंचे। गाड़ियां पार्किंग जोन में ही खड़ी हो जाती है उसके बाद पैदल ही चलना पड़ता है हम लोग अपना जरुरी सामान लेकर बाकि का सामान गाड़ी में छोड़ दिया और ट्रैकिंग के लिए निकल पड़े। यंहा हमें पता चला कि बगैर तैयारी के आना कैसा होता है सिर्फ छः किमी की चढ़ाई चढने में ही हमारा दम निकल गया। चार घंटे की ट्रैकिंग के बाद हम यमुनोत्री मंदिर पहुंचे जंहा पहले हम नदी की धारा के पास गए वंहा हमने देखा की धारा में जगह जगह साड़ियां बिखरी पड़ी है जो कि भक्त लोग माँ यमुना को अर्पित करते है। उस नदी का पानी इतना बर्फीला था कि उसमे दस सेकेंड भी खड़ा होना मुश्किल था। बहुत देर बैठने के बाद हमने हिम्मत करके उसमे स्नान किया शरीर तो जैसे सुन्न हो गया उसके तुरन्त बाद हम गर्म पानी के कुण्ड में स्नान करने के लिए उतर गए जी हाँ यंहा गर्म पानी का कुण्ड भी है वो भी प्राकृतिक। बताते है कि इस कुण्ड में स्नान करने से कई प्रकार के चर्म रोग सही हो जाते है। यंहा गर्म पानी के कुण्ड में पुरुषों और महिलाओं के स्नान के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। यंहा स्नान करने के पश्चात् सारी थकावट उतर जाती है और मन तरोताजा हो जाता है। कुण्ड में स्नान करते समय एक भाई सेल्फ़ी स्टिक से फ़ोटो खींच रहे थे जिन्होंने हमारी फ़ोटो भी खींची जो नीचे है। फिर माँ यमुनोत्री के दर्शन किये और वंहा चावल का प्रसाद चढ़ता है जिसको बाद में वंहा के गर्म पानी के कुण्ड में दस मिनट डालने से वो पक जाता है जिसको घर में लाकर खीर या अन्य किसी प्रसाद में मिला कर खाया जाता है। यंहा भी एक व्यक्ति चावल पकाने के प्रति पोटली दस रुपए वसूल रहे थे। स्नान और दर्शन में एक बज गया मतलब हमें स्नान और दर्शन करने में मात्र एक घंटे का ही समय लगा। उसके पश्चात् हमने उतराई आरम्भ की। पहाड़ों से उतरते समय उतनी मेहनत नहीं लगती जितनी चढ़ने में। उतरने में हमें दो घंटे का ही समय लगा। उसके बाद हम लोगो ने भोजन किया और निकल पड़े गंगोत्री की ओर।
रास्ते में पुल
यमुनोत्री मार्ग पर सुन्दर दृश्य
बर्फ से ढकी चोटियाँ
पहाड काट कर बनाया गया रास्ता
साफ सुन्दर नीला आसमान
मन्दिर जाते हुए रास्ते में
चढाई चढते हुए
रास्ते मे पुल
मनमोहक दृश्य
गर्म पानी का तप्त कुंड
माँ यमुनोत्री का मंदिर
ध्यान मुद्रा में 
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